केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू समुद्री व्यापार को गति देने के लिए Container Manufacturing Promotion Scheme 2026: ₹10,000 Crore, Key Benefits को मंजूरी दी है। इससे देश में कार्गो कंटेनर निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी आयात पर निर्भरता खत्म होगी।
- • योजना का नाम: Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 (कंटेनर निर्माण प्रोत्साहन योजना)
- • स्वीकृत बजट: ₹10,000 करोड़ (5 वर्षों के लिए बजटीय पैकेज)
- • नोडल मंत्रालय: पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways)
- • वार्षिक उत्पादन लक्ष्य: 7.5 लाख से 10 लाख TEU (वर्तमान 35,000 TEU से भारी विस्तार)
- • प्रोत्साहन का स्वरूप: उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) एवं पूंजीगत सब्सिडी
- • प्रमुख विनिर्माण हब: भावनगर (गुजरात), तमिलनाडु, ओडिशा एवं महाराष्ट्र
- • आधिकारिक वेबसाइट: shipmin.gov.in एवं pib.gov.in
Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 क्या है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 भारत सरकार की रणनीतिक पहल है। वर्तमान में वैश्विक कंटेनर बाजार में 90% से अधिक आपूर्ति अकेले चीन द्वारा नियंत्रित की जाती है।
इस योजना से भारतीय निर्यातकों को समय पर और किफायती दरों पर कंटेनर उपलब्ध होंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान घरेलू निर्यात और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
बजट आवंटन और container manufacturing project cost का विवरण
योजना के तहत सरकार ने 5 वर्षों के लिए कुल ₹10,000 करोड़ का वित्तीय आवंटन किया है। यह राशि कंटेनर निर्माण इकाइयों की स्थापना और विनिर्माण तकनीक के उन्नयन पर खर्च होगी।
औद्योगिक मानकों के अनुसार एक आधुनिक प्लांट की container manufacturing project cost लगभग ₹150 करोड़ से ₹200 करोड़ आती है। इसमें हाई-टेक हाइड्रोलिक प्रेस, लेजर कटिंग, रोबोटिक वेल्डिंग और कॉर्टेन स्टील प्रोसेसिंग लाइन शामिल है।
चित्र: Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 बजट आवंटन, PLI मॉडल और परियोजना लागत रूपरेखा
container manufacturing pli और वित्तीय प्रोत्साहनों के लाभ
कंटेनर निर्माण में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए सरकार ने container manufacturing pli फ्रेमवर्क को लागू किया है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- • उत्पादन आधारित नकद इंसेंटिव: मानक कंटेनर (TEU) निर्माण और वृद्धिशील उत्पादन पर निर्माताओं को सीधी वित्तीय सहायता मिलेगी।
- • संयंत्र स्थापना पर पूंजीगत सब्सिडी: नए विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने वाले निवेशकों को पूंजीगत व्यय पर 15% से 20% तक की छूट दी जाएगी।
- • कच्चे माल की उपलब्धता: घरेलू इस्पात उत्पादकों से विशेष जंग-रोधी कॉर्टेन स्टील की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- • विश्वस्तरीय टेस्टिंग लैब: अंतरराष्ट्रीय IMO मानकों के अनुसार परीक्षण लैब की स्थापना हेतु सहायता मिलेगी।
- • आयात शुल्क में छूट: विशेष घटकों जैसे कॉर्नर कास्टिंग पर सीमा शुल्क में राहत मिलेगी।
container production in india और घरेलू विनिर्माण क्षमता का विस्तार
वर्तमान समय में container production in india की क्षमता मात्र 35,000 TEU है, जबकि भारत को सालाना 20 लाख कंटेनरों की जरूरत होती है। इस अंतर को पाटने के लिए यह योजना आवश्यक है।
औद्योगिक साझेदारी को मजबूती देने के लिए contract manufacturing expo 2024 में घरेलू उत्पादकों और वैश्विक खरीदारों के बीच आपूर्ति समझौतों की नींव रखी गई थी।
इसके अतिरिक्त contract manufacturing & private label expo 2024 में प्रदर्शित आधुनिक तकनीकों ने भारत में मजबूत कंटेनर आपूर्ति तंत्र तैयार करने में मदद की है।
प्रमुख विनिर्माण क्लस्टर और रोजगार के नए अवसर
कंटेनर निर्माण को गति देने के लिए देश के प्रमुख तटीय क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं:
- भावनगर क्लस्टर (गुजरात): भारी धातु फैब्रिकेशन क्षमता का उपयोग कर प्रमुख विनिर्माण केंद्र का विकास।
- तमिलनाडु क्लस्टर (VOC Port): दक्षिणी गलियारे के निर्यातकों को सीधा कंटेनर उपलब्ध कराने हेतु क्लस्टर।
- ओडिशा व महाराष्ट्र क्लस्टर: पारादीप और JNPT के निकट आधुनिक फैब्रिकेशन इकाइयों की स्थापना।
- तकनीकी रोजगार सृजन: वेल्डर, फैब्रिकेटर और मरीन इंजीनियरों के लिए नए औद्योगिक रोजगार।
Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 महत्वपूर्ण लिंक्स
योजना से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं और संबंधित सरकारी पोर्टल्स के सीधे लिंक नीचे दिए गए हैं:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: Container Manufacturing Promotion Scheme 2026 के लिए कितना बजट मंजूर किया गया है?
उत्तर: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 वर्षों के लिए कुल ₹10,000 करोड़ का बजटीय आवंटन मंजूर किया है, जिससे निर्माण संयंत्रों को पूंजीगत सब्सिडी और इंसेंटिव मिलेगा।
प्रश्न 2: भारत का वार्षिक कंटेनर उत्पादन लक्ष्य क्या रखा गया है?
उत्तर: देश की वार्षिक विनिर्माण क्षमता को 35,000 TEU से बढ़ाकर 7.5 लाख से 10 लाख TEU तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रश्न 3: कंटेनर निर्माण इकाई स्थापित करने में container manufacturing project cost कितनी होती है?
उत्तर: आधुनिक कंटेनर फैब्रिकेशन प्लांट लगाने की अनुमानित लागत ₹150 करोड़ से ₹200 करोड़ आती है, जिसमें सरकार द्वारा पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी।
प्रश्न 4: योजना से भारतीय निर्यातकों को क्या सीधा लाभ मिलेगा?
उत्तर: विदेशी कंटेनरों पर निर्भरता खत्म होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और निर्यातकों को उचित मूल्य पर कंटेनर तुरंत उपलब्ध होंगे।
